घूस लेते वीडियो में कैद स्वास्थ्य विभाग का लिपिक-डीएम ने कराई थी स्टिंग आपरेशन


गोरखपुर। जिलाधिकारी विजय किरन आनंद द्वारा मंगलवार को कराए गए स्टिंग आपरेशन में मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में दिव्यांग पटल पर कार्यरत लिपिक सत्यप्रकाश शुक्ला पांच हजार रुपये घूस लेते वीडियो में कैद हुआ है। लिपिक पर एफआइआर दर्ज कराने एवं विभागीय जांच कराने के लिए जिलाधिकारी ने सीएमओ डा. आशुतोष कुमार दुबे को निर्देश दिया है। लखनऊ से लौटने के बाद मुख्य चिकित्साधिकारी इस मामले में एफआइआर दर्ज कराएंगे।
कुछ दिन पहले ही जिला अस्पताल परिसर स्थित न्यू ओपीडी भवन में दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने वाले बिचौलियों को सीएमओ ने पकड़ा था। बिचौलियों ने एक संविदा लिपिक का नाम भी लिया था, जिसकी सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई थी। उसी समय इस बात की संभावना भी जताई जा रही थी कि इस मामले में किसी स्थायी कर्मचारी की मिलीभगत हो सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टालरेंस की नीति का अनुसरण करते हुए जिलाधिकारी ने इस प्रकरण के बाद चिकित्सा विभाग में भी स्टिंग आपरेशन कराया।
वीडियो में लिपिक एक आवेदक से प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पांच हजार रुपये रिश्वत लेता हुआ नजर आ रहा है। लिपिक आवेदक को यह बताते हुए भी सुना जा रहा है कि उसके पास तीन पत्रावलियां और हैं, उन्हीं के साथ इसे भी बनवा देगा। मुख्य चिकित्साधिकारी को लिखे पत्र में जिलाधिकारी ने इस बात की प्रबल आशंका जताई है कि इस कार्य में चिकित्सा विभाग के अन्य कर्मी भी शामिल हो सकते हैं। स्टिंग क्लिप पेन ड्राइव के माध्यम से सीएमओ को सौंप दी गई है। सीएमओ को निर्देश दिया गया है कि इस मामले में वह सत्यप्रकाश शुक्ला के विरुद्ध धारा 409 एवं 7/13 भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराएं।

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